लोन लेना हुआ बैंक, आरबीआई ने बढ़ाया रेपो रेट, आपकी जेब पर पड़ेगा ये असर

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#RBI increased repo rate
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न्यूज जंक्शन 24, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन लेना महंगा कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ाने का फैसला लिया है ( RBI increased repo rate)। आरबीआई के इस फैसले के बाद अब रेपो रेट की दर 4.9% से बढ़कर 5.40% हो गई है। केंन्द्रीय बैंक की ओर से कहा गया है कि फैसला वर्तमान प्रभाव से ही लागू होगा। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस फैसले की जानकारी दी है। इससे पहले बीते तीन अगस्त से इस मामले पर आरबीआई की समिति इस मसले पर मंथन कर रही थी।

आरबीआई गवर्नर ने दो अगस्त से चार अगस्त तक चली एमपीसी की बैठक के बाद इस फैसले का एलान किया है। पिछली बार हुई एमपीसी की बैठक में भी रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया गया था। मई महीने में हुई एमपीसी की बैठक में रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 4.90% कर दिया गया था। इस बार फिर इसे 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का फैसला लिया गया है ( RBI increased repo rate)।

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गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्वाभाविक रूप से वैश्विक आर्थिक स्थिति से प्रभावित हुई है। हम उच्च मुद्रास्फीति की समस्या से जूझ रहे हैं। हमने वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान 3 अगस्त तक 13.3 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े पोर्टफोलियो का प्रवाह देखा है। उन्होंने कहा, ‘RBI ने तत्काल प्रभाव से रेपो रेट 50 BPS बढ़ाकर 5.4% कर दिया है। 2022-23 के लिए रियल GDP विकास अनुमान 7.2% है जिसमें पहली तिमाही में – 16.2%, दूसरी तिमाही में – 6.2%, तीसरी तिमाही में -4.1% और चौथी तिमाही में – 4% व्यापक रूप से संतुलित जोखिमों के साथ होगा। 2023-24 के पहले तिमाही में रियल GDP वृद्धि 6.7% अनुमानित है। आरबीआई गवर्नर बोले, ‘2022-23 में मुद्रास्फीति 6.7% रहने का अनुमान है। 2023-24 के पहले तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5% अनुमानित है।

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होगा ये प्रभाव

रेपो रेट बढ़ने से ब्याज दर बढ़ने से बैंक आरबीआई से कम पैसा लेंगे और बाजार में मुद्रा के प्रवाह नियंत्रण बना रहेगा। बैंक महंगे दर पर आरबीआई से लोन लेंगे तो वे महंगे दर पर आम लोगों को भी लोन जारी करेंगे। इससे आम आदमी का ईएमआई महंगा होगा। इसे देखते हुए लोग लोन कम लेंगे और कम खर्च करेंगे। इससे बाजार में मांग घटेगी और पूरी प्रक्रिया से महंगाई को नियंत्रित करने से मदद मिलेगी।

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