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Sunday, October 24, 2021

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सावधान : आपके घर में पहुंच रही नकली मिठाई, पुलिस ने कारखाने का किया भंडाफोड़, कई कुंतल मिलावटी मिठाइयां व नकली मावा बरामद

रुद्रपुर। त्योहारी सीजन अभी थोड़ी दूर है, मगर मिलावटखोरों का खेल अभी से शुरू हो चुका है। नकली मावे से तैयार मिठाइयों को आपके घर पहुंचाने की साजिश रची जानी शुरू हो गई है, जिसे खाकर आप या आपके शुभचिंतक बीमार हो सकते हैं। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में ऐसे ही गोरखधंधे का पर्दाफाश किया गया है।

रुद्रपुर शहर के रेशमबाड़ी क्षेत्र में एसओजी और पुलिस ने ऐसे कारखाने का भंडाफोड़ किया है, जहां नकली मावा और मिठाई बनाने का खेल चल रहा था। यह गोरखधंधा बाप और उसके बेटे मिलकर कर रहे थे। पुलिस ने तीनों को ही गिरफ्तार कर लिया है और मौके से डेढ़ क्विंटल बर्फी, रसगुल्ले, मिल्क केक, 25 कट्टे मिल्क पाउडर, मावा और इसे बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा केमिकल भी बरामद किया है। इसकी सूचना फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को दी गई। तो मौके पर पहुंचीं खाद्य निरीक्षक मंजू आर्य ने बरामद मिलावटी व नकली खाद्य पदार्थों के सैंपल ले लिए।

सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि रेशमबाड़ी में नकली मिठाई और मावा तैयार किया जा रहा है। इस पर पुलिस और एसओजी की टीम ने शनिवार को मौके पर पहुंचे और तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। ये तीनों बाप-बेटे हैं, जिनके नाम राधेश्याम और उसके बेटे लक्ष्मण सिंह व नैन सिंह है। पूछताछ में इन लोगों ने बताया है कि वे मूलरूप से बरेली के देवरनिया के रहने वाले हैं और 10 साल से परिवार यहां रेशमबाड़ी में घर बनाकर रह रहा है। सीओ सिटी ने बताया कि खाद्य निरीक्षक ने जो सैंपल लिए हैं, उनकी रिपोर्ट आते ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ बरेली में भी नकली मिठाई बनाने पर केस दर्ज होने की बात सामने आ रही है। इसकी जांच की जा रही है, इसके लिए बरेली पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

यूपी और हल्द्वानी में करते थे सप्लाई, दो साल से चल रहा धंधा

वहीं, एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट को आरोपित बाप-बेटों ने बताया कि वह मिठाई को उत्तर प्रदेश के बरेली, पीलीभीत, रामपुर में बेचते हैं। इसके अलावा जिले के किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता, खटीमा के साथ ही हल्द्वानी में भी सप्लाई करते हैं। जो मिठाई बाजार में 400 रुपये किलो बिकती है। वह इसे 140 रुपये प्रति किलोग्राम बेचते थे। बाप-बेटों ने बताया कि वे दो साल से मिठाई और मावा बनाने का काम कर रहे हैं। पहले वे रुद्रपुर में भी ठेली पर मिठाई बेचते थे, लेकिन बाद में मशीन लगाकर कारखाना तैयार किया। जिसके बाद बड़ी मात्रा में वह जिले के साथ ही अन्य क्षेत्रों में मिठाई बेच रहे हैं।

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