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गर्भवती पत्नी से तलाक के लिए रची खौफनाक साजिश, गलत इंजेक्शन लगवाकर बना दिया एड्स का मरीज

लखनऊ। अलीगढ़ में अपने प्यार के लिए पत्नी से तलाक लेने को एक पति ने खौफनाक साजिश रच डाली। पत्नी ने पति पर जो आरोप लगाए हैं, उसे सुनकर पुलिस वाले हैरान हैं। एक नर्सिंग होम में रची गई इस साजिश के बाद पुलिस ने महिला के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मामला जिले के लोधा क्षेत्र का है, जहां के इंस्पेक्टर के अनुसार, आरोप लगाने वाली महिला की सात दिसंबर 2020 को शहर के रामघाट रोड इलाके के एक युवक से की हुई थी। युवक एक अस्पताल में संविदा पर हेल्थ वर्कर था। लड़की के घरवालों ने दहेज में 12 लाख नकद और 25 लाख रुपये का अन्य तरह का दहेज भी दिया। आरोप है कि शादी के बाद युवती जब ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि उसके पति के साथ काम करने वाली किसी महिला हेल्थ वर्कर संग रिश्ते हैं।

इसके चलते कुछ दिन बाद ही विवाद शुरू हो गया। मगर उस समय पति ने किसी तरह झूठा वादा कर बात खत्म की। मगर कुछ दिन बाद ही उसके जेठ ने उसके साथ छेड़खानी की। इसके विरोध पर ससुराल में उसे पीटा भी गया। इस पर इसी साल फरवरी में युवती के पिता ससुराल गए तो वहां ससुरालियों ने साफ कह दिया कि हम लोग आपकी बेटी को निभा नहीं पाएंगे। इसलिए बेहतर होगा कि आप तलाक करा दें और हम शादी में जो खर्च हुआ है, उसे वापस कर देंगे।

कारण पूछने पर पति ने साफ कह दिया कि वह उसे पसंद नहीं करता। इस पर मायके पक्ष के लोग दंग रह गए। उस समय किसी तरह बात संभाली गई। आरोप है कि कुछ दिन बाद फिर तलाक की साजिश रची जाने लगी। इस पर फिर मायके वाले गए तो ससुरालियों ने कहा कि तलाक करा दें। दोनों में पट नहीं रही है। यह बीमार भी रहती है। इस पर मायके पक्ष ने दलील दी कि पहले कभी कोई बीमारी नहीं थी। अब चूंकि गर्भवती हो गई है तो थोड़ा बहुत परेशानी होना तो सामान्य बात है। इसके बाद 4 अगस्त को गर्भवती युवती को उसका पति मायके में गांव के बाहर छोड़कर चला गया।

मायके पहुंचने पर जो उसने बताया, उसे सुन सभी दंग रह गए। युवती ने बताया कि गर्भवती होने के कुछ दिन बाद उसका पति व जेठ उसे एचआईवी संक्रमित करने की साजिश रचने लगे। युवती के अनुसार, पति के बहनोई के परिजन का रामघाट रोड पर नर्सिंग होम है, जिसमें ले जाकर उसे इलाज के नाम पर टीके लगवाए जाते थे।उन्हीं टीकों के लगने से वह एचआईवी संक्रमित हो गई है। इस दौरान पिता ने बेटी के इलाज संबंधी प्रपत्र देखे तो पाया कि ससुरालियों ने सबसे पहले आगरा रोड के एक नर्सिंग होम के परामर्श पर 8 अप्रैल को, फिर 17 अप्रैल को जिला अस्पताल में और फिर विष्णुपुरी के एक नर्सिंग होम के परामर्श पर 1 मई को एचआईवी जांच कराई। इन तीनों जांचों में वह एचआईवी निगेटिव आई है।

इसके बाद 23 जुलाई को एक निजी पैथालॉजी में जांच कराई, जिसमें वह पॉजीटिव घोषित हुई है। आरोप है कि पति, जेठ, सास, ससुर, जेठानी, ननदोई (नर्सिंग होम संचालक के परिजन), दूसरे ननदोई, दो ननदों ने मिलकर यह साजिश रची है। रिश्तेदार के नर्सिंग होम में दिए गए इंजेक्शनों से यह एचआईवी संक्रमित हुई है। अन्यथा बार-बार एचआईवी की जांच कराकर सच जानने का क्या मकसद था। यह साजिश बेटी को मारने व तलाक के इरादे से रची गई है। अब वह छह माह की गर्भवती है। मामले में पुलिस ने जानलेवा साजिश, मारपीट, छेड़खानी, दहेज अधिनियम व जीवन को संकट में डालने वाली बीमारी जानबूझकर फैलाने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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