मंत्रिमंडल में पंजाबी समाज की उपेक्षा से महासभा नाराज, बुलाई आपात बैठक

काशिपुर। उत्तराखंड सरकार के मंत्रिमंडल में किसी पंजाबी समुदाय के विधायक को जगह न मिलने से नाराज उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा 18 मार्च को एक आपात बैठक के आयोजन का निर्णय लिया।

उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि आगामी 18 मार्च को आयोजित आपातकालीन बैठक में प्रदेश की सभी नगर/ महानगर की इकाइयां भी हिस्सा लेगी उक्त बैठक में सभी लोग मिल जुल कर“सब का साथ सब का विश्वास में किसी भी समाज को नज़रंदाज़ क्यों ?” विषय पर चिंतन किया जाएगा उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण बैठक में पंजाबी समाज के सभी परिवारों को आमन्त्रित किया जाना हे। इस बैठक के आयोजन के लिये नगर / महानगर के प्रदेश पदाधिकारी, ज़िलाधिकारी व अध्यक्ष की आयोजन कमेटी इस बैठक के आयोजन हेतू रणनीति बनायेंगे व आपस में ज़िम्मेदारी बाटेंगे। यह बैठक एक प्रयास हे जो हमारी भावनाओं एवं चिंताओ के प्रति हम कितने जागरुक व मज़बूत हे इसका संदेश देगी। हम सब यदि राजनीति से ऊपर उठ कर समाज के भविष्य के प्रति जागरुक हे व मिल कर चिंतन करते हुए अपना संदेश देते हे तो अवश्य इसके सकारात्मक निष्कर्ष निकलेंगे। उन्होंने कहा कि
हम कोई लढ़ाई नहीं शुरू कर रहे हम संदेश देना चाहते हे की जाने अनजाने में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संदेश “ सब का साथ सब का विश्वास” को उत्तराखंड में नज़रंदाज़ किया जा रहा हे।
इस बैठक में हम अपने समाज के विभिन्न सेवाओं जैसे एक डॉक्टर, एक अध्यापक / प्रफ़ेसर, वकील( advocate) industrialist/ business एक समाज सेवी कुल 5 बुज़ुर्गों को सम्मानित भी करे अगर हो सके तो इसमें से दो महिला भी हो। प्रयास रहे की समाज के उन बुज़ुर्गों को सम्मानित करे जिन्हें अनदेखा किया गया हो। समाज के विभिन्न संगठनो में सक्रिय पदाधिकारियों को निज़िरूप से आमन्त्रित करे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाना हे।

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