केदारनाथ धाम के गर्भगृह की दीवारों, खंभों और छत्रों पर चढ़ेंगी सोने की परतें, काम हुआ शुरू, विरोध में उतरे तीर्थपुरोहित

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न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर अब सोने की परतें चढ़ेंगी (golden layers in Kedarnath Dham walls)। सोमनाथ और काशी विश्वनाथ धाम की तरह यह काम किया जाएगा। इसके तहत खंभों, जलेरी और छत्रों पर भी सोने की परत चढ़ाई जाएगी। इसके लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने कार्य शुरू करवा दिया है। हालांकि धाम के तीर्थपुरोहिताें ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है।

काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिर की तरह केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की चारों दीवारों पर सोने की परत (golden layers in Kedarnath Dham walls) चढ़ाई जाएगी। महाराष्ट्र के एक दानदाता ने दो माह पूर्व बीकेटीसी से इस कार्य के लिए आग्रह किया था। इसके लिए समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय से बीते अगस्त में धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव हरीश चंद्र सेमवाल को पत्र लिखकर शासन से अनुमति मांगी थी। दो दिन पूर्व शासन ने बीकेटीसी को इस कार्य के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। अब मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर लगी चांदी की परतें निकाल दी गई है। अब स्वर्णमंडित करने के लिए दीवारों पर ड्रीलिंग की जा रही है।

इसे लेकर श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों से चांदी की परतें निकाल दी गई है। अभी ट्रायल के तौर पर तांबे की परत चढ़ाई जा रही है जिससे पता लग सकेगा कि आकार ठीक है या नहीं। इसी नाप के बाद अंत में गर्भगृह की दीवारों, जलेरी और खंभों में सोने की परत लगाई जाएगी। यह कार्य अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। सोने की जो परतें लगाई जाएंगी, वह लेमिनेट होंगी, जिनकी चमक कम नहीं होगी और इन्हें आसानी से पानी से भी धोया जा सकेगा।

2017 में एक दानदाता के सहयोग से बीकेटीसी ने गर्भगृह की दीवारों पर चांदी की परत चढ़ाई थी। दो क्विंटल और तीस किलोग्राम से अधिक चांदी से गर्भगृह की जलेरी, छत्र को भी चांदी से सजाया गया था। लगभग तीन वर्ष पूर्व केदारनाथ मंदिर के मुख्य द्वार पर भी अलग से चांदी का दरवाजा लगाया गया है।

वहीं, केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारें स्वर्णमंडित किए जाने का तीर्थपुरोहितों ने विरोध किया है। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि सरकार व बीकेटीसी मान्यताओं को हाशिए पर रख रही है। मंदिर की दीवारों पर जगह-जगह ड्रील से छेद किए जा रहे हैं जो धार्मिक रूप से अनुचित है। उन्होंने जल्द कार्य बंद नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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