High cort : गिरफ्तारी से बचने को हाई कोर्ट पहंचे दुष्कर्म में आरोपित भाजपा विधायक। याचिका दाखिल कर यह लगाई गुहार

ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर

नैनीताल। महिला से दुष्कर्म मामले में फंसे ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर हाई कोर्ट पहुंच गए हैं।हरिद्वार के ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ भाजपा की ही महिला नेत्री ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में निचली अदालत के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक हाई कोर्ट पहुंच गए हैं।

यह भी पढ़ें :  भाजपा नेत्री ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर दर्ज कराया दुष्कर्म का मुकदमा, उत्तराखंड भाजपा में हड़कंप।जानिए क्या है पूरा मामला

विधायक की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि उन पर दुष्कर्म के आरोप निराधार हैं। आरोप लगाने वाली महिला व उसके पति समेत अन्य लोगों ने उनसे 30 लाख की रंगदारी मांगी, जब उन्होंने रकम नहीं दी तो महिला के पति समेत अन्य लोगों ने उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने की धमकी दी। इसके खिलाफ उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी और पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा भी था। इसी के बदले स्वरूप आरोपी महिला ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। विधायक के अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधित याचिका दाखिल होने की पुष्टि की है।

पहले एफआईआर निरस्त करने को दाखिल की थी याचिका

विधायक सुरेश राठौर ने इससे पहले हाई कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने निचली कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। इस मामले पर सुनवाई होती, उससे पहले ही ज्वालापुर पुलिस ने विधायक पर मुकदर्मा दर्ज कर लिया, जिससे उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी। अब इससे बचने के लिए उन्होंने नई याचिका दाखिल की है। विधायक के अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि पुरानी याचिका पर साेमवार को सुनवाई होनी है, जिसे वह सुनवाई के दौरान कोर्ट से याचिका वापस करने और नई याचिका पर सुनवाई कर गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आग्रह करेंगे।

खबरों से रहें हर पल अपडेट :

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

हमारे टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने के लिए क्लिक करें।

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*