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Thursday, October 28, 2021

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आगरा यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री से शिक्षकों ने बरेली में नौकरी पाई, अब सेवा समाप्त

बरेली। आगरा यूनिवर्सिटी की फर्जी बीएड डिग्री से चार लोगों ने बेसिक शिक्षा विभाग बरेली में भी शिक्षक की नौकरी पा ली। जांच के बाद गोलमाल पकड़ा गया। बीएसए ने एक महिला सहित चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी हैं ।
डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में सत्र 2004-05 में बीएड घोटाला हुआ था। विश्वविद्यालय में 8132 छात्रों ने बीएड की परीक्षा दी थी। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने गोलमाल कर 11132 छात्रों को मार्कशीट जारी की थी। बरेली में 32 शिक्षक ऐसे पाये गए थे जिन्होंने 2004 में आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड कर शिक्षक की जॉब पाई थी। इनमें से छह शिक्षक फर्जी डिग्री वाले पाये गए। जांच के बीच ही नीरज कुमार और तेजवीर सिंह ने अपना ट्रांसफर करवा लिया। बाकी चार की सेवाएं अब जाकर इनकी सेवा समाप्त कर दी गईं।

इनमें सुखवीर सिंह मझगवां, सौरभ विश्नोई रामनगर में, रेखा रानी दमखोदा में और जयपाल सिंह शेरगढ़ में तैनात थे। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बताया कि फर्जी शिक्षकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण इन लोगों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें से तीन की 2009 में जॉब लगी थी। यह लोग शेरगढ़, दमखोदा और रामनगर में कार्यरत थे। जबकि एक की 2015 में नौकरी लगी थी। यह मझगवां में तैनात था।

एसआईटी कर रही थी मामले की जांच
फर्जी शिक्षकों के पूरे प्रदेश में लगभग 4570 मामले पकड़े गए थे। इसकी एसआईटी जांच कर रही थी। एसआईटी की जांच के बाद ही मामले ने तेजी पकड़ी। नहीं तो जालसाज शिक्षकों पर कार्रवाई भी नहीं हो पाती।

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