पत्नी को डेढ़ साल से बाथरूम में कर रखा था बंद, पुलिस ने देखा तो रह गई हैरान। ऐसी हो गई स्थिति

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न्यूज जंक्शन 24, पानीपत।

पानीपत में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस को पता चला कि एक युवक अपनी पत्नी को टॉयलेट में रखता है। उसका रहना, खाना सब उसी में करता है। आए दिन उसके साथ मारपीट भी की जाती है। यह सुन पुलिस के पैरों तले जमीन ही खिसक गई। छापा मारा तो मामला सच निकला। पति बाहर ताश खेल रहा था, पत्नी के बारे में पूछा तो पहले तो मायके में होने की बात कही और जब सख्ती बरती तो सबकुछ उगल डाला। बाथरूम खोला तो छापा मारने वाली टीम भी हैरान रह गई।
मामला पानीपत जिले के सनौली थाना क्षेत्र के रिशपुर गांव का है। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि एक व्यक्ति नरेश अपनी पत्नी रामरती (35) को बाथरूम में बंद करके रखता है। बाथरूम छत पर है, कई बार मारपीट करते वक्त शिकायतकर्ता ने देखा है। पुलिस हैरान थी और तत्काल एक्शन में आ गई। मामले की जानकारी जिला महिला संरक्षण अधिकारी को दी गई। टीम गठित करके छापा मारा गया। टीम गावँ में जब पहुंची तो वहां घर पर उक्त महिला का पति अपने साथियों संग ताश खेल रहा था। जिला महिला संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता ने युवक से पत्नी के बारे में पूछा तो पहले तो वह हक्का बक्का रह गया। फिर उसने मायके में होने की बात कही। सख्ती बरती और घर के सभी कमरे व बाथरूम दिखने के लिए कहा तो वह टूट गयस। उसके बाद सीधे उसी बाथरूम में ले गया जहां पत्नी बंद थी। दरवाजा खोला तो उसकी दशा देख टीम हैरान रह गई। शरीर ऐंठ चुका था, पैर सीधे नहीं हो पा रहे थे। टीम को देख महिला दहाड़ें मारकर रोने लगी और सबसे पहले रोटी मांगने लगी। टीम ने पहले रोटी खिलाई और फिर उसको नहलाया। अच्छे कपड़े पहनाकर अस्पताल भिजवाया। महिला के परिवार के बारे में पता किया तो बताया गया कि भाई और पिता का निधन हो चुका है। सिर्फ मां है, वह बुजुर्ग है।
नरेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। नरेश का कहना है कि भाई और पिता की मौत के बाद उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं है। वह घर से भाग जाती है, सभी के साथ मारपीट करती है। इसलिए बंद कर रखा है। नरेश के तीन बच्चे हैं, लेकिन वह कुछ बोल नहीं रहें हैं। जिला महिला संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता के मुताबिक पुलिस पूछताछ में जुटी है। महिला के बयान ही कार्रवाई तय करेंगे, लिहाजा अभी उसकी स्थिति ठीक नहीं है। वह डेढ़ साल बाद बाथरूम से बाहर निकली है, लिहाजा चौक रही है। धीरे-धीरे पुछताछ की जा रही है।