पत्नी के 72 टुकड़े करके फ्रिज में रखने वाले राजेश गुलाटी ने हाई कोर्ट से मांगी अंतरिम जमानत। कोर्ट ने दिए यह आदेश

न्यूज जंक्शन 24, नैनीताल।

देहरादून में हुए अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में आरोपित राजेश गुलाटी की ओर से दायर अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में हाई कोर्ट ने सरकार से दो सप्ताह के भीतर अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पर आपत्ति मांगी है। यह सुनवाई न्यायमुर्ति सुधांशु धुलिया व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई।
ध्यान हो कि देहरादून में सॉफ्वेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने पत्नी अनुपमा गुलाटी की 17 अक्टूबर 2010 को हत्या कर दी थी। जबकि राजेश ने अनुपमा से 1999 में लव मैरिज की थी। हत्या करने के बाद शव को छुपाने के लिए छोटे-छोटे 72 टुकड़े किए और फिर फ्रिज में रख दिये थे। दून का यह हत्याकांड आज तक के इतिहास में काफी जघन्य माना जाता है। अनुपमा के भाई के आने के बाद हत्या का खुलासा हुआ था। अनुपमा का भाई दिल्ली रहता है, बहन से संपर्क नहीं होने पर वह देहरादून पहुंचा था। उसके बाद सारा मामला खुलकर सामने आ गया। देहरादून कोर्ट ने राजेश गुलाटी को एक सितम्बर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने राजेश पर 15 लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया । कोर्ट ने इन रुपयों को बच्चों के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के निर्देश दिये। उम्रकैद काट रहे राजेश ने इलाज के लिए हाई कोर्ट में अंतरिम जमानत प्रार्थनापत्र पेश किया था। जिस पर हाईकोर्ट ने सरकार से आपत्ति मांगी है।

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