इंडियाज़ बेस्ट डांसर में सचिन पिलगांवकर ने फ़िल्म शोले और आनंद में अपने योगदान को लेकर किए दिलचस्प खुलासे

एनजेआर, मुंबई। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का पॉपुलर शो इंडियाज़ बेस्ट डांसर हर हफ्ते अपने जोरदार कॉन्टेंट के साथ मनोरंजन का स्तर कई गुना बढ़ा रहा है। इस शो के टॉप 10 कंटेस्टेंट्स जजों की तिकड़ी गीता कपूर, मलाइका अरोड़ा और टेरेंस लुइस को इम्प्रेस करने के लिए शानदार परफॉर्मेंस दे रहे हैं। इस वीकेंड इंडियाज़ बेस्ट डांसर में गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। इस शुभ अवसर पर मशहूर कलाकार सचिन पिलगांवकर और सुप्रिया पिलगांवकर खास मेहमान बनकर पहुंचेंगे। इस मल्टी टैलेंटेड पति पत्नी ने सभी एक्ट्स का मजा लिया और अपने करियर और निजी जिंदगी को लेकर कुछ दिलचस्प खुलासे भी किए।
 
सचिन पिलगांवकर के बारे में ऐसा ही एक अंजाना खुलासा किया परितोष त्रिपाठी ने जिन्हें टीआरपी मामा जी के नाम से जाना जाता है। मामा जी ने बताया कि सचिन ने फिल्म शोले में 1975 में न सिर्फ काम किया था बल्कि उन्होंने आंशिक रूप से इस फिल्म का निर्देशन भी किया था। जब शो के लोगों ने इस बारे में जानना चाहा तो सचिन ने बताया कि जब शोले बन रही थी तब मैं 17 साल का था लेकिन इस फिल्म पर काम तब से शुरू हो गया था जब मैं सिर्फ 16 की उम्र में था। शोले की शूटिंग से पहले मैं अपने गुरुओं में से एक ऋषिकेश मुखर्जी से एडिटिंग सीख रहा था जो उस समय के प्रसिद्ध एडिटर थे और हम सभी जानते हैं कि वे आगे चलकर एक मशहूर डायरेक्टर बने तो शोले की शूटिंग के दौरान मैं रमेश सिप्पी सर की कुर्सी के पीछे बैठकर देखता था कि वो कैसे हर शॉट लेते थे और फिर उसे काटकर एडिट करते थे। इस दौरान सिप्पी सर ने मुझे कुछ दिनों तक देखा और फिर मुझसे पूछा कि क्या मैं एडिटिंग करना चाहूंगा। मैंने उन्हें बताया कि मैंने दो साल तक ऋषिकेश सर से इसका प्रशिक्षण लिया है और उनके लिए काम भी किया है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे फिल्म आनंद 1971 के लिए ऋषि दा के साथ काम करने का मौका मिला। इस फिल्म के लिए मैंने नेगेटिव्स काटने का काम किया था। ऋषिकेश सर कहते थे कि निगेटिव्स सचू बाबा काटेगा। वे मुझे सचू बाबा कहकर बुलाते थे।

आगे बताते हुए सचिन ने कहा, शोले की बात करें तो रमेश सिप्पी ने मुझसे पूछा था कि क्या मैं उन दो लोगों में से एक बनना चाहूंगा जिन पर वो इस फिल्म के एक एक्शन सीक्वेंस के लिए भरोसा कर सकते हैं क्योंकि वो उस हिस्से की शूटिंग के लिए मौजूद नहीं रह पा रहे थे और इसके लिए उन्हें दो प्रतिनिधियों की जरूरत थी। यह सुनकर मैं बहुत खुश हो गया और मैंने कहा, मैं इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे संभाल सकता हूं। मैं तो सिर्फ 17 साल का हूं। इस पर उन्होंने कहा, उम्र कोई मायने नहीं रखती और मुझे इसमें कोई तर्क नजर नहीं आता। आप इस इंडस्ट्री में तब से हैं जब आप साढ़े 4 साल के थे और मैं आपको 17 साल का नहीं, बल्कि 27 साल के एक प्रोफेशनल की तरह देखता हूं। इस काम के लिए दूसरे प्रतिनिधि थे अमजद खान जिन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में एक्टिंग, डायरेक्टिंग आदि के लिए अनेक अवॉर्ड्स जीते थे। वो बहुत टैलेंटेड थे और मैं उन्हें मंजू भाई कहकर बुलाता था। इस फिल्म में एक दृश्य है जहां संजीव कुमार के साथ धरम जी और अमित जी हाथों में हथकड़ी लगाए ट्रेन में जा रहे हैं। केवल इतना हिस्सा ही रमेश जी ने शूट किया था और बाकी का एक्शन सीक्वेंस अमजद और मैंने पूरा किया था। मुझे याद है एक एक्शन दृश्य में मुझे लगा था कि एक साथ लकड़ी के लट्ठे लुढ़कते दिखेंगे तो यह पर्दे पर बहुत प्रभावशाली लगेगा। रमेश जी को यह सीक्वेंस बहुत अच्छा लगा और उन्होंने मेरी पीठ भी थपथपाई थी। वो वाकई बहुत बड़े दिल के इंसान हैं।

सचिन पिलगांवकर ने आगे बताया कि ऋषिकेश मुखर्जी, मीना कुमारी, बलराज साहनी, रमेश सिप्पी और गुरुदत्त जैसे दिग्गज कलाकार युवाओं को बहुत से अवसर देते थे और हमेशा उनका मार्गदर्शन करते थे। सचिन पिलगांवकर से ये किस्से सुनकर सेट पर मौजूद सभी लोगों को ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले की याद आ गईए जो हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में से एक है।
 
तो आप भी इंडियाज़ बेस्ट डांसर में गणेश महोत्सव स्पेशल एपिसोड का मजा लेना ना भूलेंए इस शनिवार और रविवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर।

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