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इस IPS अफसर ने बच्ची के दरिंदे को दिलाई थी फांसी, अब गृह मंत्रालय करेगा सलाम, नवाजेगा यह अवार्ड

न्यूज जंक्शन 24, देहरादून। मासूम बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले दरिंदे को फांसी की सजा दिलाने वाली आईपीएस अधिकारी डॉ. विशाखा अशोक भदाणे को गृह मंत्रालय, भारत सरकार मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन अवार्ड से नवाजेगा। डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने हरिद्वार के ऋषिकुल मोहल्ले में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने का न सिर्फ खुलासा कर दोषी को गिरफ्तार किया, बल्कि उसको उसके इस कृत्य के लिए मृत्युदंड की सजा भी दिलाई थी।

घटना करीब दो साल पहले 20 दिसंबर 2020 की है। हरिद्वार के ऋषिकुल मोहल्ले में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले की विवेचना कर रहीं सहायक पुलिस अधीक्षक नगर हरिद्वार के पद पर तैनात डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने इस मामले में मुख्य आरोपी रामतीर्थ को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, आरोपी के घर की दूसरी मंजिल से लापता बच्ची का शव बरामद किया था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया था कि उसने राजीव के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर शव को दूसरी मंजिल पर छिपाकर रख दिया था।

इस जघन्य रेप-मर्डर केस में डॉ. विशाखा अशोक भदाणे द्वारा एकत्र किये गये पुख्ता सबूतों को समय पर पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। पर्याप्त एविडेंस और गवाहों के आधार पर हरिद्वार पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा मुख्य आरोपी रामतीर्थ को IPC की धारा 363/366ए/376(ए)(बी)/377/302/201 और पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देकर मौत की सजा सुनाई गई। जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, इस संगीन घटना में सहअभियुक्त राजीव कुमार को साक्ष्य छिपाने के मामले में 5 वर्ष की सजा और अर्थदंड लगाया गया।

गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से डॉ. विशाखा अशोक भदाणे को उत्कृष्ट विवेचना किए जाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। डीजीपी अशोक कुमार ने डॉ. विशाखा अशोक भदाणे को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

 

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