Murder Case : नैनीताल जिले के दमुवाढुंगा चौकी इंचार्ज पर मुकदमा, एसएसपी को भेजी रिपोर्ट, यह रहा कारण

हल्द्वानी। ऊधमसिंह नगर के रूद्रपुर के प्रीत नगर में दो दिन पहले मल्सी लंका निवासी दो भाइयों की हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। ममाले में पुलिस ने बीते दिनों जहां हत्या करने वाले मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, वहीं उसके खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है। यही नहीं, उसके भाई नैनीताल जिले के दमुवाढुंगा चौकी प्रभारी के खिलाफ भी पुलिस ने 30 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर रिपोर्ट एसएसपी नैनीताल को भेज दी है। साथ ही दरोगा और उसके पुत्रों से पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है।

मंगलवार दोपहर मल्सी लंका निवासी किसान अजीत सिंह के दोनों पुत्र गुरुकीर्तन सिंह और गुरूपेच सिंह प्रीत नगर स्थित अपने खेत में धान की रोपाई के लिए खेत की जुताई कर रहे थे। इसी बीच मेढ़ को लेकर प्रीत नगर निवासी राकेश उर्फ पप्पू मिश्रा और उसके दो भतीजों ने उन पर पांच राउंड फायरिंग कर दी थी, जिससे दोनों की ही मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य हत्यारोपित राकेश उर्फ पप्पू मिश्रा को मंगलवार को ही बहेड़ी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि हत्या में नामजद उसके दोनों भतीजे शिवम और शुभम को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके भाई नैनीताल, काठगोदाम के दमुवाढुंवा चौकी इंचार्ज राजेश मिश्रा के खिलाफ 30 आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस ने एसएसपी नैनीताल को भी भेज दी है।

यह भी पढें : Crime news : हत्याओं से धहला ऊधमसिंह नगर, अब रुद्रपुर में दो सगे भाइयों को बुरी तरह गोलियों से भून डाला

यह भी पढें : मां ने अपने ही दो मासूम बच्चों का करा दिया अपरहरण, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

रुद्रपुर की एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि मुख्य आरोपित राकेश के खिलाफ हत्या के साथ ही एक और केस 25 आर्म्स एक्ट का दर्ज किया गया है। इसके अलावा नैनीताल में तैनात उप निरीक्षक राजेश मिश्रा का लाइसेंसी रायफल हत्या में प्रयुक्त होने पर उसके खिलाफ भी 30 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों पुत्रों सहित उससे पूछताछ की जा रही है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पोते हैं आरोपित

उत्तराखंड में रुद्रपुर के प्रीतनगर गांव में हुई दो किसान भाइयों की हत्याकांड को बलिया के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पोते राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू ने अंजाम दिया था। उसने नैनीताल के काठगोदाम थाने में तैनात अपने बड़े भाई दरोगा राजेश मिश्रा की लाइसेंसी राइफल से घटना को अंजाम दिया था।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया था। 10 घंटे के भीतर पुलिस ने राकेश को बहेड़ी (यूपी) से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल समेत 10 कारतूस भी बरामद कर लिए  गए हैं। हत्याकांड में काठगोदाम थाने के दरोगा राजेश और उसके बेटे शिवम व शुभम का नाम भी सामने आया था। दरोगा के दोनों बेटों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। राकेश मिश्रा ने अपने दरोगा भाई की लाइसेंसी 315 बोर की राइफल से दोनों किसान भाइयों को मौत के घाट उतारा। दरोगा राजेश से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि राकेश मिश्रा बलिया के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंचानंद मिश्रा का बेटा नहीं बल्कि पोता है। आईजी अजय रौतेला ने गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार और एसएसपी ने ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

नेपाल भागने की फिराक में था राकेश मिश्रा

दो भाइयों की हत्या का मुख्य आरोपी राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू हत्या के बाद लाइसेंसी रायफल लेकर बहेड़ी पहुंच गया था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह नेपाल भागने की फिराक में था। हत्याकांड को उसने अकेले ही अंजाम दिया था।

 

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*